ब्लॉग संकलन का नया अवतार - हमारीवाणी.कॉम

हिंदी ब्लॉग लिखने वाले लेखकों के लिए खुशखबरी!

ब्लॉग जगत के लिए हमारीवाणी नाम से एकदम नया और अद्भुत ब्लॉग संकलक बनकर तैयार है। इस ब्लॉग संकलक के द्वारा हिंदी ब्लॉग लेखन को एक नई सोच के साथ प्रोत्साहित करने की योजना है। इसमें सबसे अहम बात यह है कि यह ब्लॉग लेखकों का अपना ब्लॉग संकलक होगा, अर्थात इसमें ब्लॉग लेखकों से सम्बंधित सभी आवश्यकताओ का ध्यान रखा जाएगा। जहाँ ब्लॉग लेखन के प्रोत्साहन के लिए नई-नई योजनाएं बनाई जाएंगी, वहीँ इसका प्रारूप भी रोमांचक होगा।

अब अगर बात लेखकों के अपने ब्लॉग संकलक की हो रही है, तो इसमें सबसे अधिक ध्यान इस बात पर होगा कि लेखकों की भावनाओं का पूरा ख्याल रखा जाए। इसलिए इसमें एक चुनाव का विकल्प रखने की योजना है। इसके द्वारा कोई भी लेखक अपनी राय पुरे ब्लॉग जगत के सामने रख सकता है और चुनाव के द्वारा उक्त बात के महत्त्व का पता चल सकता है। अर्थात पूरा ब्लॉग जगत अगर किसी बात के लिए तैयार होता है तो उस राय को माना जाएगा।
तो तैयार हो जाइये आपके अपने ब्लॉग एग्रिगेटर के लिए। जब तक यह पूरी तरह से तैयार होकर  आपके सामने आए तब तक आप निम्नलिखित लिंक के द्वारा अस्थाई रूप से चल रहे संकलक पर जा कर अपने ब्लॉग की फीड को उपलब्ध करा सकते हैं। जिससे के जब आपका संकलक सर्वर पर अपलोड हो तो आपका ब्लॉग उसपर नज़र आए।

http://hamarivani.com/


आपके बहुमूल्य सुझाव आमंत्रित हैं।


धन्यवाद!

टीम हमारीवाणी

45 टिप्‍पणियां:

  1. ब्लॉग की दुनिया में आपका स्वागत करता हूँ!

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  2. अजी आप तैयार हैं तो हम भी तैयार हैं...
    स्वागत है आपका...!

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  3. अच्छा लगा,स्वागत है ।

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  4. ये तो बहुत अच्छा है……………हम तो तैयार हैं।

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  5. बहुत बढ़िया । आपका स्वागत है। शुभकामनायें ।

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  6. हमें तो इन्तजार था आपका धन्यावाद।

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  7. स्वागत है-अनेक शुभकामनाएँ.

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  8. स्वागत है क्या ब्लागवाणी की तरह आसान होगा? शुभकामनायें

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  9. जिन्दा लोगों की तलाश!
    मर्जी आपकी, आग्रह हमारा!!


    काले अंग्रेजों के विरुद्ध जारी संघर्ष को आगे बढाने के लिये, यह टिप्पणी प्रदर्शित होती रहे, आपका इतना सहयोग मिल सके तो भी कम नहीं होगा।
    =0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=

    सच में इस देश को जिन्दा लोगों की तलाश है। सागर की तलाश में हम सिर्फ बूंद मात्र हैं, लेकिन सागर बूंद को नकार नहीं सकता। बूंद के बिना सागर को कोई फर्क नहीं पडता हो, लेकिन बूंद का सागर के बिना कोई अस्तित्व नहीं है। सागर में मिलन की दुरूह राह में आप सहित प्रत्येक संवेदनशील व्यक्ति का सहयोग जरूरी है। यदि यह टिप्पणी प्रदर्शित होगी तो विचार की यात्रा में आप भी सारथी बन जायेंगे।

    हमें ऐसे जिन्दा लोगों की तलाश हैं, जिनके दिल में भगत सिंह जैसा जज्बा तो हो, लेकिन इस जज्बे की आग से अपने आपको जलने से बचाने की समझ भी हो, क्योंकि जोश में भगत सिंह ने यही नासमझी की थी। जिसका दुःख आने वाली पीढियों को सदैव सताता रहेगा। गौरे अंग्रेजों के खिलाफ भगत सिंह, सुभाष चन्द्र बोस, असफाकउल्लाह खाँ, चन्द्र शेखर आजाद जैसे असंख्य आजादी के दीवानों की भांति अलख जगाने वाले समर्पित और जिन्दादिल लोगों की आज के काले अंग्रेजों के आतंक के खिलाफ बुद्धिमतापूर्ण तरीके से लडने हेतु तलाश है।

    इस देश में कानून का संरक्षण प्राप्त गुण्डों का राज कायम हो चुका है। सरकार द्वारा देश का विकास एवं उत्थान करने व जवाबदेह प्रशासनिक ढांचा खडा करने के लिये, हमसे हजारों तरीकों से टेक्स वूसला जाता है, लेकिन राजनेताओं के साथ-साथ अफसरशाही ने इस देश को खोखला और लोकतन्त्र को पंगु बना दिया गया है।

    अफसर, जिन्हें संविधान में लोक सेवक (जनता के नौकर) कहा गया है, हकीकत में जनता के स्वामी बन बैठे हैं। सरकारी धन को डकारना और जनता पर अत्याचार करना इन्होंने कानूनी अधिकार समझ लिया है। कुछ स्वार्थी लोग इनका साथ देकर देश की अस्सी प्रतिशत जनता का कदम-कदम पर शोषण एवं तिरस्कार कर रहे हैं।

    आज देश में भूख, चोरी, डकैती, मिलावट, जासूसी, नक्सलवाद, कालाबाजारी, मंहगाई आदि जो कुछ भी गैर-कानूनी ताण्डव हो रहा है, उसका सबसे बडा कारण है, भ्रष्ट एवं बेलगाम अफसरशाही द्वारा सत्ता का मनमाना दुरुपयोग करके भी कानून के शिकंजे बच निकलना।

    शहीद-ए-आजम भगत सिंह के आदर्शों को सामने रखकर 1993 में स्थापित-भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान (बास)-के 17 राज्यों में सेवारत 4300 से अधिक रजिस्टर्ड आजीवन सदस्यों की ओर से दूसरा सवाल-

    सरकारी कुर्सी पर बैठकर, भेदभाव, मनमानी, भ्रष्टाचार, अत्याचार, शोषण और गैर-कानूनी काम करने वाले लोक सेवकों को भारतीय दण्ड विधानों के तहत कठोर सजा नहीं मिलने के कारण आम व्यक्ति की प्रगति में रुकावट एवं देश की एकता, शान्ति, सम्प्रभुता और धर्म-निरपेक्षता को लगातार खतरा पैदा हो रहा है! अब हम स्वयं से पूछें कि-हम हमारे इन नौकरों (लोक सेवकों) को यों हीं कब तक सहते रहेंगे?

    जो भी व्यक्ति इस जनान्दोलन से जुडना चाहें, उसका स्वागत है और निःशुल्क सदस्यता फार्म प्राप्ति हेतु लिखें :-

    (सीधे नहीं जुड़ सकने वाले मित्रजन भ्रष्टाचार एवं अत्याचार से बचाव तथा निवारण हेतु उपयोगी कानूनी जानकारी/सुझाव भेज कर सहयोग कर सकते हैं)

    डॉ. पुरुषोत्तम मीणा
    राष्ट्रीय अध्यक्ष
    भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान (बास)
    राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यालय
    7, तँवर कॉलोनी, खातीपुरा रोड, जयपुर-302006 (राजस्थान)
    फोन : 0141-2222225 (सायं : 7 से 8) मो. 098285-02666

    E-mail : dr.purushottammeena@yahoo.in

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  10. khush aamdeed hai apko bhi aur sehat ki dua hai blogvani sanchalak ke liye bhi .

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  11. इस प्रयास के लिए आप को मुबारकबाद!

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  12. नित नए पुरूस्कार. वाह.
    आप सफल हों मेरी भी शुभकामनाएं.

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  13. हमें तो आज ही पता लगा जब अपने ब्लॉग पर एक कमेन्ट में हमारी वाणी के बारे में पढ़ा | आपका स्वागत है | हम भी तैयार हैं |
    ब्लोगवाणी पता नहीं क्यों अट्ठारह जून के बाद अपडेट नहीं हो रहा |

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  14. स्‍वागत है हमारी वाणी का । नियम तो सरल होगे न।

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  15. हमारी वाणी सच में ब्लॉग जगत की वाणी बने...इस शुभकामना के साथ बहुत बहुत बधाई...

    जय हिंद...

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  16. सुस्वागतम्।
    घुघूती बासूती

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  17. ांअपका बहुत बहुत स्वागत है ब्लागवानी के जाने से हम जैसे तकनीक से अनजान लोगों को ऐसे ही विकल्प का इन्तजार था। एक बार हमारी वानी पर पोस्ट पब्लिश करने तथा और भी विकल्प के बारे मे जरूर बता दें धन्यवाद और शुभकामनायें

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  18. ब्लागवाणी का विकल्प कुछ और नही हो सकता । पर आप जब आ हि रहे हैँ तो स्वागत है आपका,अगर किसी प्रकार कि कोई तकनिकी जानकारी चाहिऐ तो बताईयेगा । मेरे तकनिकी ब्लाग को आप अपने एग्रीगेटर मे जोङ देँ मै इस वक्त इंटरनेट से कोसो दुर हूँ । मेरी ब्लाग टिम आजकल छुट्टी पर है ।
    मै चाहता हूँ कि जब ये एग्रीगेटर बन कर तैयार हो जाऐ तो इससे जुङे ब्लाग विजेट बनाने का जिम्मा इटिप्स ब्लाग को दिया जाऐ ।

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  19. आपको हार्दिक शुभकामनाएं… आपका एग्रीगेटर सफ़ल हो यह शुभेच्छा है…

    मेरे मत में किसी भी एग्रीगेटर को सफ़ल होने के लिये कुछ बातें जरूरी हैं -

    1) सर्वर की स्पीड अच्छी होना चाहिये, अभी चिठ्ठाजगत भी काफ़ी स्लो चलता है, जबकि ब्लागवाणी के साथ यह समस्या नहीं थी…

    2) एग्रीगेटर पर पोस्ट अपने-आप आ जाना चाहिये, या एक क्लिक करने से आ जायें, ऐसा नहीं कि इंडली की तरह लिंक भेजना पड़े…

    3) रजिस्ट्रेशन और ब्लॉग का पंजीकरण एकदम आसान होना चाहिये।

    4) पसन्द-नापसन्द अथवा ऊपर-नीचे वाला फ़ण्डा पूरी तरह खत्म करके, सिर्फ़ "अधिक पढ़े गये" या "इतनी बार पढ़े गये" का एक ही कालम होना चाहिये। इसमें भी यदि कोई एक ही कम्प्यूटर और आईपी से अपनी ही पोस्ट खोले-बन्द करे तो उसे "पढ़े गये" की गिनती में शामिल नहीं किया जाये। "टिप्पणी संख्या" वाली सुविधा भी बेकार सिद्ध हुई है, क्योंकि कुछ "मूर्ख" तो अपने ही ब्लॉग पर खामखा ही या तो बेनामी टिप्पणियाँ करते रहते हैं या उनके चमचे उसी लेख में से एक-दो लाइन उठाकर टिप्पणी के रुप में चेंप देते हैं।

    5) आखिरी और सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि "यह मेरा एग्रीगेटर है, मैं जिसे चाहूंगा रखूंगा, जिसे चाहूंगा निकाल दूंगा, जिसे मेरी नीतियाँ पसन्द ना हो वह भाड़ में जाये…" वाला Attitude रखना पड़ेगा, पड़ने वाली गालियाँ ignore करने की क्षमता भी विकसित करनी होंगी, क्योंकि भारत के लोग "इतने हरामखोर" हैं कि मुफ़्त में मिलने वाली चीज़ में भी खोट निकालने से बाज नहीं आते।

    जो भी एग्रीगेटर इन बिन्दुओं का ख्याल रख लेगा, वह निश्चित ही सफ़ल होगा… आशा है कि आप इन बातों का ध्यान रखेंगे…

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  20. यह सभी लोग खुद का बना सकते हैं .व्व्व.feedcluster.कॉम पे जा के...जैसा मैंने भी बनाया.
    http://smma59.feedcluster.com/
    इसका फायदा मेरे ब्लॉग को मिलेगा यह मैं जानता हूँ...

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  21. @VOICE OF THE PEOPLE
    जनाब सायद यह एग्रीगेटर खुद के डोमेन hamarivani.com पर लाँच हो ,उम्मीद है हमारीवाणी जवाब जल्द देगी । अगर यह फिडकलस्टर पर ही चलेगी तो अछ्छा न होगा ।

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  22. हमारीवाणी टीम से अनुरोध है कि सभी ब्लोग्गेर्स बहुत तकनीक से परिचित नहीं होते हैं , इसलिए इसे जोड़ने के लिए अधिक पेचादागियाँ नहीं होनी चाहिए. ब्लोग्वानी कि तरह ही सरल विधि हो. अभी इसमें ऐसा नहीं हो रहा है. जोजानकार हैं वे कर सकते हैं लेकिन मेरे जैसे असफल रहे हैं.

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  23. दोबारा आयी हूँ । सुरेश छिपलुकर जी की बातों से सहमत हूँ। अभी तक मुझे ये नही पता चला कि इस पर पोस्ट कैसे पब्लिश करनी है। ये समस्या तकनीक से अपरिचित कई लोगों की है आशा है इसका जवाब हमारी वाणी देगी। धन्यवाद और शुभकामनायें

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  24. @निर्मला जी
    Add a blog पर क्लिक करके फार्म भर दे या फिर हमारीवाणी पर छोङ देँ ये लोख खुद जोङ देगेँ आपके ब्लाग को ।
    इटिप्स ब्लाग

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  25. @सुरेश जी
    आप सभी हिन्दूस्तानियोँ को हरामखोर क्योँ बना रहे हैँ । आप ऐसे शब्दोँ का प्रयोग न करेँ ।

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  26. आपका बहुत बहुत स्वागत .आशा करती हूँ यह एग्रिगेटर सभीको बहुत पसंद आएगा

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  27. हमारीवाणी के संचालक महोदय से मेरी गुज़ारिश है कि मेरा ब्लॉग स्वच्छ सन्देश को आप प्लीज़ अपनी लिस्ट से हटा लें ! मैंने एक बार हटा दिया था नाम भी चेंज कर दिया था लेकिन आपने फिर लगा दिया है

    उसे जितनी जल्दी हो सके हटा दीजिये

    आभारी रहूँगा !

    सलीम ख़ान
    9838659380

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  28. Haardik shubhkamnayon sahit swagat hai..
    Saarthak prayas ke liye aabhar.

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  29. nice venture,if it continues to be useful and above all impartial ..!

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